- 19 शिक्षण संस्थानों पर मुकदमा, एसआईटी करेगी जांच
- जिन छात्रों के भविष्य को संवारने के लिए बनी थी योजना, उसी पर डाका डालने के आरोप, सरकारी धन के दुरुपयोग की जांच तेज
हरिद्वार। गरीब और जरूरतमंद अल्पसंख्यक छात्रों को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई केंद्र सरकार की छात्रवृत्ति योजना अब गंभीर सवालों के घेरे में है। हरिद्वार जिले के 19 स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों पर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में कथित वित्तीय अनियमितता, धोखाधड़ी और सरकारी धन के गबन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने एसआईटी गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इस घोटाले में भाजपा के जुड़े कुछ नेताओं के भी स्कूल-कॉलेज बताए जा रहें हैं। प्राथमिक जांच में वर्ष 2021-22 और 2022-23 के दौरान राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर कई आवेदन संदिग्ध पाए गए। इसके बाद केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने उत्तराखंड शासन को विस्तृत जांच के निर्देश दिए।
शासन के आदेश पर जिलाधिकारी हरिद्वार ने उप जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में जांच समितियां गठित कीं। जून 2025 में सौंपी गई रिपोर्ट में कई संस्थानों में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की बात सामने आने के बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी इप्सिता रावत की शिकायत पर सिडकुल थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
यह छात्रवृत्ति योजना उन परिवारों के बच्चों के लिए बनाई गई थी, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है ताकि वे पढ़ाई बीच में न छोड़ें। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल सरकारी धन की हानि का मामला नहीं होगा, बल्कि उन हजारों जरूरतमंद छात्रों के अधिकारों पर भी चोट होगी, जिनके लिए यह योजना बनाई गई थी।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीओ सदर एसपी बलूनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने जिन 19 शिक्षण संस्थानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, उनमें स्कूल, इंटर कॉलेज, आईटीआई, इंजीनियरिंग कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान शामिल हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं की वास्तविक सीमा क्या है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
गौरतलब है कि यह मामला कुछ संस्थानों के खिलाफ दर्ज आरोपों से जुड़ा है। इसका किसी धर्म, समुदाय या सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों से संबंध मानना उचित नहीं होगा। यदि किसी ने छात्रवृत्ति योजना का दुरुपयोग किया है, तो जिम्मेदारी संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों की तय होनी चाहिए, न कि किसी पूरे समुदाय की।
इन 19 संस्थानों पर दर्ज हुआ मुकदमा
- गॉड ब्लेस पब्लिक स्कूल, सहदेवपुर।
- एम.जी. पब्लिक स्कूल, अहमदपुर ग्रांट।
- ए.एस.एन. इंटर कॉलेज, धीरवाली, ज्वालापुर।
- सैनी प्राइवेट आईटीआई, औद्योगिक क्षेत्र, बहादराबाद।
- जय भारती प्राइवेट आईटीआई, पर्दाथा उर्फ धनपुरा।
- एसबीएन प्राइवेट आईटीआई, टिक्कमपुर।
- आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर, मुस्तफाबाद।
- विश्व भारती पब्लिक स्कूल, गाडोवाली।
- मदरसा नूर-ए-हसन, हरिद्वार।
- जय भारत पीएस, बिन्दुखड़क।
- हन्नू आईटीआई, भगवानपुर।
- रेडियंस एकेडमी, नेहन्दपुर सुठारी, लक्सर।
- रामतीर्थ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रहमतपुर, रुड़की।
- रुड़की इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पुहाना।
- महर्षि दयानंद प्राइवेट आईटीआई, धनौरी।
- संस्कृति पब्लिक स्कूल, भौरी, रुड़की।
- फोनिक्स स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड बिजनेस, कॉलेज इमलीखेड़ा, रुड़की।
- एसडीपीसी गर्ल्स इंटर कॉलेज, रुड़की।
- ओम इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, बढ़ेड़ी राजपूताना, रुड़की।












































