- मशीनें खराब, दवाइयों की कमी, डॉक्टरों की अनुपस्थिति और प्रसूति वार्ड में चूहों के आतंक का उठाया मुद्दा
- सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी, सीएमएस को सौंपा ज्ञापन
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के पदाधिकारियों ने शनिवार को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को ज्ञापन सौंपकर अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं के कारण गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो अस्पताल प्रशासन के खिलाफ आंदोलन और घेराव किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस नेता एवं कार्यक्रम संयोजक विनोद कुमार (एडवोकेट) तथा उत्तराखंड श्रम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश सिंह कौशल ने कहा कि दून अस्पताल प्रदेश के गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों के लिए इलाज का सबसे बड़ा सहारा है, लेकिन वर्तमान में यहां की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बिगड़ती जा रही हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल की कई महत्वपूर्ण जांच मशीनें लंबे समय से खराब पड़ी हैं, जिससे मरीजों को निजी लैब में महंगी जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने इन मशीनों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराने की मांग की।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अस्पताल के सरकारी दवा काउंटर पर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं। यहां तक कि एंटी-रेबीज वैक्सीन (रेबीज का इंजेक्शन) जैसी जरूरी दवा भी मरीजों को नहीं मिल रही है। प्रसूति विभाग की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए ज्ञापन में कहा गया कि वार्ड में चूहों का आतंक बना हुआ है।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि नवजात शिशुओं पर चूहों के हमले की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिसे उन्होंने बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला बताया। कांग्रेस ने मांग की कि अस्पताल की सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मोहम्मद फारूख, मतलूब खान, कांति वल्लभ भट्ट, लक्की राणा, शंकर, नरेंद्र सिंह, पूनम कंडारी, शंकर सिंह, विक्रम कुमार व सुशील डोभाल आदि मौजूद रहे।










































