- अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग उठाई
- सौंपा ज्ञापन, 7 दिन का अल्टीमेटम दिया
देहरादून। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले सोमवार को देहरादून स्थित सीबीआई कार्यालय का घेराव कर अंकिता भंडारी प्रकरण की जांच में हुई प्रगति के संबंध में विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने सीबीआई से मांग की कि छह माह से चल रही जांच की वर्तमान स्थिति को सार्वजनिक किया जाए व जांच से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों के स्पष्ट उत्तर दिए जाएं।
प्रदर्शन के दौरान मंच के कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग उठाई। प्रारंभ में सीबीआई अधिकारियों ने कार्यालय का गेट बंद कर दिया व प्रदर्शनकारियों को भीतर जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और अधिकारियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को सीबीआई कार्यालय बुलाया गया।
प्रतिनिधिमंडल में कमला पंत, निर्मला बिष्ट, सुजाता पॉल व मोहित डिमरी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने सीबीआई के डीएसपी अजय मिश्रा व डीएसपी सुभाष चंद्र से मुलाकात कर जांच में देरी और सीबीआई की कार्य प्रणाली पर असंतोष व्यक्त करते हुए ज्ञापन सौंपा। सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दिल्ली में दर्ज की गई है। मंच ने कहा कि यदि ऐसा है तो एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
सीबीआई अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मंच की और से सौंपे गए ज्ञापन और उसमें उठाए गए सभी प्रश्नों एवं चिंताओं को दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय के सक्षम अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने सीबीआई को 7 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जाता है, तो मंच व्यापक जनभागीदारी के साथ आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करेगा।
प्रदर्शन में पदमा गुप्ता, मंजू बलोदी, बिमला, स्मृति नेगी, सुशीला अमोली, पुष्पा नौडियाल, गीता बागड़ी, हिलता नेगी, ज्योति नेगी, मीणा राणा, यशोदा, शांता नैथानी, प्रेमलता बलूनी, शांति सेमवाल व सतेश्वरी देवी आदि शामिल रही।










































