कांग्रेस ने बागियों को दिखाया बाहर का रास्ता

प्रदेश कांग्रेस के सोशल मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह |

देहरादून। उत्तराखण्ड निकाय चुनाव में पार्टी से बगावत कर चुनावी मैदान में भाग्य आजमा रहे नेताओं को कांग्रेस ने बाहर का रास्ता दिया दिया है, यही नही पहली बार किया विधायक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। प्रदेश कांग्रेस की और से नगर निकाय चुनाव में विभिन्न नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायत क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लडने वाले कांग्रेसजनों और पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पार्टी नेताओं को तत्काल प्रभाव से कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है।

जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा के सोशल मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह ने बताया कि जिला व महानगर कांग्रेस के अध्यक्षगणों के अनुरोध पर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष करन माहरा की और से रूडकी में मेयर पद के खिलाफ अपनी पत्नी को बागी के रूप में चुनाव लड़ा रहे पूर्व मेयर यशपाल राणा, रूद्रप्रयाग से बागी उम्मीदवार संतोष रावत, उखीमठ से बागी उम्मीदवार कुब्जा धर्मवाण|

नगर पालिका बागेश्वर से बागी कवि जोशी, कोटद्वार में बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे कांग्रेस पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष महेन्द्र पाल सिंह रावत, ऋषिकेश नगर निगम में बागी उम्मीदवार दिनेशचन्द मास्टर व महेन्द्र सिंह, चमोली के गौचर से बागी उम्मीदवार सुनील पंवार, कर्णप्रयाग से गजपाल लाल सैनी, अनिल कुमार व अनीता देवी, गैरसैंण से पुष्कर सिंह रावत, पीपलकोटी से आरती नवानी, टिहरी के नगर पालिका चम्बा से बागी प्रीति पंवार, घनसाली से विनोद लाल शाह व नगर पालिका टिहरी से भगत सिंह नेगी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है।

अमरजीत सिंह ने यह भी जानकारी दी कि इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने पिथौरागढ़ विधायक मयूख महर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिये केन्द्रीय नेतृत्व से आग्रह किया गया है। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव ऋषेन्द्र महर को भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने को युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को संस्तुति की गई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक अनुशासित संगठन है, इसमें यदि अनुशासनहीनता होती है तो उसे कतई बर्दास्त नहीं किया जायेगा, जो भी पार्टी अनुशासन की लाईन पार करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here