देहरादून। सेलाकुई क्षेत्र में तंत्र-मंत्र और टोना-टोटका का भय दिखाकर करीब 65 तोला सोने के आभूषणों की कथित ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। महंत ने 65 तोला सोने के आभूषण को पोटली को एक संदूक में रखवा दिया और 62 दिन बाद खोलने के लिए कहा। महिला को शक होने के बाद 62 दिन बाद पोटली खोली तो उसमें नारियल और आधा किलो चावल थे।
इस घटना के बाद पीड़िता ने वैष्णो माता मंदिर के पुजारी महंत राहुल थापा के खिलाफ थाना सेलाकुई में तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार सेलाकुई निवासी ओशीन गुरुंग ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके पति क्रूज (जहाज) पर कार्यरत है, जब उनके साथ ठगी हुई, उस वक्त वो ड्यूटी पर घर से बाहर थे।
पीड़िता के अनुसार दो मार्च 2026 की सुबह करीब 6त्र15 बजे महंत राहुल थापा का फोन आया। महंत ने दावा किया कि उन्हें आभास हुआ है कि उनके घर पर किसी ने बुरा टोना-टोटका किया है। महंत के कहने पर जब उन्होंने घर के बाहर और गेट के भीतर तलाश की तो उन्हें एक काले कपड़े की पोटली मिली, जिसमें उड़द की दाल, रोली, लौंग और नींबू का टुकड़ा जैसी सामग्री थी।
महंत ने सामग्री को बेहद खतरनाक बताते हुए उन्हें डराया और घर में विशेष पूजा कराने की सलाह दी। इसके बाद पूजा सामग्री की सूची भी उपलब्ध कराई गई। उसी दिन शाम करीब 6 बजे महंत राहुल थापा अपने ड्राइवर के साथ उनके घर पहुंचे। पूजा के दौरान उन्होंने परिवार की संपत्ति के बारे में जानकारी ली और बाद में घर में मौजूद सभी सोने के आभूषण एक लाल कपड़े में रखने को कहा।
पीड़िता का आरोप है कि जब वह अपनी मां से पूछकर गहने लाने गईं तो महंत जबरन कमरे में पहुंच गए और खुद गहनों को छूने लगे। उन्होंने उनके और उनकी मां के मंगलसूत्र सहित सभी आभूषणों को लाल कपड़े में बांध दिया। कुल मिलाकर करीब 65 तोला सोना पोटली में रखा गया। जब उन्होंने गहनों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई तो महंत ने कहा कि इनकी रक्षा स्वयं माता रानी करेंगी।
आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने पीड़िता और उसकी मां को भ्रमित करने के उद्देश्य से छत पर परिक्रमा करने भेज दिया गया। उसके बाद महंत ने गहनों वाली पोटली को एक संदूक में रखवाकर घर के प्रथम तल स्थित मंदिर में रखने को कहा और चेतावनी दी कि न तो संदूक को छूना है और न ही खोलना है। अन्यथा पूजा खंडित हो जाएगी। उन्होंने खुद 62 दिन तक पूजा करने के बाद संदूक खोलने की बात कही।
पहले संदूक खोलने की तिथि 3 मई 2026 तय की गई थी, जिसे बाद में 8 मई कर दिया गया। उसके बाद महंत लगातार अलग-अलग बहाने बनाकर तारीख टालते रहे. कभी वैष्णो देवी जाने, कभी मलमास और कभी किसी परिजन की मृत्यु का हवाला देकर संदूक खुलवाने से बचते रहे। जब पीड़िता का 28 मई 2026 को महंत ने फोन नहीं उठाया, लेकिन व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर संदूक खोलने की प्रक्रिया बताई।
महंत ने गंगा जल से संदूक साफ करने, दीपक जलाने और चावल-नारियल को नदी में प्रवाहित करने की सलाह दी। महंत की नीयत पर शक होने के बाद पीड़िता ने उसी शाम करीब 7.30 बजे अपने परिवार और सहेलियों सुजाता राई और सारदा थापा की मौजूदगी में वीडियो रिकॉर्डिंग करते हुए संदूक खोला तो उसमें रखे करीब 65 तोला सोने के सभी आभूषण गायब मिले, जबकि उनकी जगह आधा किलो चावल और तीन सूखे नारियल रखे हुए थे। इसके बाद जब महंत राहुल थापा को फोन किया गया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर महंत राहुल थापा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही सेलाकुई पुलिस द्वारा मामले की जांच कर रही है। इस घटना के बाद आरोपी महंत फरार चल रहा है, जिसकी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।










































