महिला सम्मान के दावों पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

Qazi Nizamuddin showed mirror to government through statistics

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में कांग्रेस विधायक क़ाज़ी निजामुद्दीन ने राज्य सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा एक ओर महिला सम्मान की बात करती है, जबकि दूसरी ओर देशभर में महिला अपराधों में शामिल अपने नेताओं का स्वागत करती है।

निजामुद्दीन ने सदन में महिला कुपोषण के गंभीर आंकड़े रखते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने बताया कि राज्य में 15 से 49 वर्ष की आयु वर्ग की लगभग 56 फीसदी महिलाएं कुपोषण की शिकार हैं। इसे उन्होंने सरकार की नीतियों की विफलता करार दिया।

कांग्रेस विधायक ने कहा कि प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की संख्या लगातार घट रही है, जो चिंताजनक संकेत है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड में करीब 1700 स्कूल बंद हो चुके हैं, जिससे ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। निजामुद्दीन ने सरकार से इन सभी मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की और कहा कि जनता के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। सदन में उनके इन आरोपों के बाद सियासी माहौल गर्मा गया।

निजामुद्दीन ने गृह विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में महिला-पुरुष अनुपात घटकर 868/1000 हो गया है। उन्होंने इसे सामाजिक असंतुलन का संकेत बताया। साथ ही आरोप लगाया कि जरूरतमंदों के बीपीएल राशन कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं, जिससे गरीब परिवारों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा।

विधायक ने परिसीमन के मुद्दे पर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि परिसीमन प्रस्ताव पास होता है, तो मैदानी क्षेत्रों में सीटों की संख्या बढ़ जाएगी, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों की सीटें कम हो सकती हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर का उदाहरण देते हुए पूछा कि क्या सरकार इसके लिए तैयार है कि पहाड़ की राजनीतिक हिस्सेदारी घट जाए।

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