स्वतंत्रता सेनानी शहीद कैप्टन दल बहादुर थापा को किया याद

Freedom Fighter and Martyr Captain Dal Bahadur Thapa

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य नेपाली भाषा समिति व समस्त सहयोगी संस्थाओ की और से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद कैप्टन दल बहादुर थापा (आजाद हिंद फौज) को उनके 81वें शहीद दिवस पर नमन किया गया।  वहीं, मूर्ति अनावरण समारोह भारी वर्षा और खराब मौसम के कारण स्थगित करना पड़ा। शहीद  कैप्टन दल बहादुर थापा व शहीद वीर केसरी चंद के शहीद दिवस पर उत्तराखंड राज्य नेपाली भाषा समिति के अध्यक्ष मधुसूदन शर्मा की अध्यक्षता में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

शर्मा ने कहा कि शहीद कैप्टन दल बहादुर थापा ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में आजाद हिंद फौज की टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए बर्मा कोहिमा सीमापर वीरता से लड़े पर दुर्भाग्य से उन्हें 28 जून 1944 को अंग्रेजों ने युद्धबंदी बना लिया। उनपर देशद्रोह का मुकदमा चलाकर मृत्युदण्ड दिया गया।

3 मई 1945 को आजादी के दीवाने इस रणबाँकुरे ने हँसते हँसते फाँसी के फंदे को गले लगाकर भारतमाता की आजादी के लिये अपने प्राणों का बलिदान दिया। इनके अदम्य साहस और वीरता से प्रभावित होकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने इन्हें कैप्टन पद से सम्मानित किया था। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बालकृष्ण बरालजी, राजेंद्र मल्ल, पूजा सुब्बा चंद, ओपी गुरूंग, बालकृष्ण बराल, समुदाय की विभिन्न संघ-संस्थाओं व उपजातीय समितियों के अध्यक्ष आदि मौजूद रहे। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here