देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने का काम तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को देहरादून में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान की प्रगति और आगे की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में किसी प्रकार की त्रुटि पाई गई है, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे है। साथ ही नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और गलतियों को सुधारने के लिए निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन भी किए जा सकते हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया मतदाता सूची में नाम, पता, उम्र या अन्य जानकारियों में किसी प्रकार की गलती होने पर संबंधित मतदाता फॉर्म-8 भरकर संशोधन करा सकते हैं। जिन पात्र नागरिकों का नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वे फॉर्म-6 के माध्यम से नया पंजीकरण करा सकते हैं। यदि किसी नाम को हटाने या किसी अन्य आपत्ति से संबंधित मामला है तो उसके लिए फॉर्म-7 का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 भरने की प्रक्रिया 14 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगी। इस दौरान सभी पात्र नागरिक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतिम प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन हो। विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रदेश में अब तक करीब 19 लाख ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है, जिनके रिकॉर्ड में किसी न किसी प्रकार की त्रुटि पाई गई है। इन मतदाताओं को चरणबद्ध तरीके से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जिससे वे निर्धारित समय के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रख सकें और रिकॉर्ड में सुधार कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान अभी भी करीब 5.26 लाख मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है। इन मतदाताओं तक पहुंचने और उनकी जानकारी का सत्यापन करने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों के माध्यम से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य है कि सभी मतदाताओं का सत्यापन समय पर पूरा हो और कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।
निर्वाचन विभाग ने जिलावार प्रगति की जानकारी भी साझा की। आंकड़ों के अनुसार अल्मोड़ा जिला इस अभियान में सबसे आगे है। जहां जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने हैं, उनमें से करीब 80 प्रतिशत तक नोटिस पहुंचाए जा चुके हैं। विभाग ने इसे संतोषजनक प्रगति बताते हुए अन्य जिलों से भी इसी गति से काम करने की अपेक्षा जताई है। इसके अलावा चंपावत जिले में 62.1 प्रतिशत मतदाताओं तक नोटिस पहुंच चुके हैं। कुछ जिलों में अभियान की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी है।
टिहरी जिले में अब तक केवल 4.7 प्रतिशत मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इसी तरह उत्तरकाशी में 4.8 प्रतिशत, रुद्रप्रयाग में 5.5 प्रतिशत और ऊधमसिंह नगर में 6.7 प्रतिशत मतदाताओं तक ही नोटिस पहुंच पाए हैं। निर्वाचन विभाग ने इन जिलों में अभियान की गति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया नोटिस जारी होने का अर्थ किसी मतदाता का नाम स्वतः हटाया जाना नहीं है। नोटिस केवल संबंधित जानकारी का सत्यापन करने और मतदाता को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के लिए भेजे जा रहे हैं। यदि किसी मतदाता के रिकॉर्ड में त्रुटि है तो वह निर्धारित प्रपत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उसे ठीक करा सकता है।










































