- मुख्य निर्वाचन अधिकारी को फॉर्म-7 के संबंध में सौंपा ज्ञापन
- झूठी जानकारी देने वालों के विरुद्ध कर्यवाही की मांग
- शिकायतकर्ता की पहचान किए बिना शिकायत को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिएः भण्डारी
देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) राजेंद्र सिंह भंडारी के नेतृत्व में गुरुवार को कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआरआई) अभियान के दौरान ऑनलाइन माध्यम से बड़ी संख्या में दायर किए जा रहे फॉर्म-7 के संबंध में विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
महासचिव राजेन्द्र भण्डारी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ व्यक्तियों की और से एक ही दिन अथवा अलग-अलग दिनों में बड़ी संख्या में फॉर्म-7 ऑनलाइन दाखिल किए जा रहे हैं। भौतिक सत्यापन में यह पाया गया कि जिन मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आवेदन किए गए थे, उनमें से अनेक मतदाता अपने पते पर निवासरत पाए गए। इससे आशंका उत्पन्न होती है कि वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि शिकायतकर्ता की पहचान किए बिना किसी भी शिकायत को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। अप्रमाणित एवं भ्रामक फॉर्म-7 को तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही बिना समुचित जांच एवं वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए किसी भी मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटाया जाए। भण्डारी ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रावधानों के अनुसार झूठी जानकारी देकर फॉर्म-7 दाखिल करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
भण्डारी ने कहा कि यह मांग किसी राजनीतिक दल के हित के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा, मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा तथा निष्पक्ष एवंपारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए निर्वाचन आयोग द्वारा इस विषय में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई किया जाना अत्यंत आवश्यक है। कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) राजेंद्र सिंह भंडारी के नेतृत्व में कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना, अमेन्द्र बिष्ट कंट्रोल रूम प्रभारी राकेश नेगी, अधिवक्ता डिंपल सिंह, महेंद्र सिंह राणा शिवा जोशी व विनोद कुमार आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।










































