आधी रात महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष के घर में घुसे चार हथियारबंद बदमाश, मचा हड़कंप

Four armed miscreants entered a Congress leader's house

देहरादून। राजधानी देहरादून में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका अंदाजा मेघा इंक्लेव में शनिवार देर रात हुई घटना से लगाया जा सकता है। यहां चार हथियारबंद बदमाश महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष और उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की पूर्व सदस्य नजमा खान के आवास की छत पर जा पहुंचे। परिजनों के मुताबिक, बदमाश कथित तौर पर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की नीयत से घर में दाखिल हुए थे। घटना के दौरान परिजनों और आसपास के लोगों ने शोर मचा दिया, जिसके बाद बदमाश भागने लगे। पुलिस ने चारों को मकान और पास के कॉम्प्लेक्स के बीच बनी गली से हिरासत में ले लिया।

नजमा खान ने शनिवार को अपने आवास पर पत्रकारों को घटना की जानकारी देते हुए बताया कि रात करीब एक बजे घर के बाहर तैनात गार्ड ने पानी बहने की आवाज सुनी। गार्ड ने बताया कि संभवतः छत पर लगा कोई नल खुला रह गया है। इसके बाद नजमा खान की बेटी और बहू छत पर पहुंचीं। वहां उन्हें कुछ संदिग्ध नजर आया और छत की ओर जाने वाला दरवाजा बाहर से बंद मिला।

परिजनों के अनुसार, मामला संदिग्ध लगने पर नजमा खान के पति सिकंदर खान और उनके पुत्रों समीर खान व सलीम खान ने छत की ओर जाकर दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद उन्होंने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी।

शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। खुद को घिरता देख बदमाशों ने दूसरे रास्ते से भागने की कोशिश की। बताया गया कि उन्होंने बगल के कॉम्प्लेक्स की ओर जाने का प्रयास किया, लेकिन वहां भी लोगों की भीड़ जमा हो चुकी थी। भागने का रास्ता बंद होने पर चारों बदमाश मकान और कॉम्प्लेक्स के बीच बनी संकरी गली में छिप गए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने चारों को वहां से हिरासत में ले लिया।

घटना के बाद जब घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई तो एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। नजमा खान के मुताबिक, फुटेज में चारों संदिग्ध रात करीब 11 बजे कॉम्प्लेक्स की सीढ़ियों के रास्ते छत की ओर जाते दिखाई दिए।

परिजनों का आरोप है कि बदमाश काफी देर तक छत पर ही छिपे रहे और घर में सभी लोगों के सो जाने का इंतजार करते रहे। बताया गया कि उस समय घर में कुछ मेहमान मौजूद थे, जो करीब 12 बजे वहां से गए। इसके बाद परिवार के लोग सोने चले गए।

परिजनों के अनुसार, बदमाशों ने छत पर पानी की टंकी में लगे नल को खोल दिया था। इसी दौरान नल टूट गया और पानी तेजी से बहने लगा। रात के सन्नाटे में पानी गिरने की आवाज गार्ड ने सुन ली। यही आवाज आखिरकार बदमाशों की पूरी योजना पर भारी पड़ गई। गार्ड ने जब परिजनों को पानी बहने की जानकारी दी तो परिवार के लोगों ने छत की ओर जाकर स्थिति देखी। दरवाजा बंद मिलने और परिस्थितियां संदिग्ध लगने पर उन्हें बदमाशों के छत पर होने का शक हुआ।

नजमा खान ने आरोप लगाया कि चारों बदमाश हथियारों से लैस थे और वे किसी बड़ी वारदात, यहां तक कि घर में लोगों को मारने के इरादे से आए थे। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। उनका कहना है कि यदि समय रहते पानी बहने की आवाज गार्ड के कानों तक नहीं पहुंचती और परिवार के लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती तो बदमाश अपने मंसूबों को अंजाम दे सकते थे।

परिजनों के मुताबिक, घटना के दौरान चार बदमाश छत पर मौजूद थे, जबकि दो अन्य लोग बाहर कार में होने की बात भी सामने आई है। इस बिंदु की भी पुलिस जांच कर रही है कि मौके पर वास्तव में कितने लोग शामिल थे और उनका आपस में क्या संबंध था।

घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि जिस कॉम्प्लेक्स की सीढ़ियों के सहारे बदमाश मकान की छत तक पहुंचे, वहां तैनात गार्ड ने रात करीब 11 बजे चार लोगों को मुंह पर कपड़ा बांधे हुए जाते देखा था।

परिजनों का कहना है कि यदि गार्ड को चारों की गतिविधियां संदिग्ध लगी थीं तो उसने तत्काल इसकी सूचना पुलिस या मकान मालिक को क्यों नहीं दी। अब पुलिस इस पूरे मामले में कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा व्यवस्था और गार्ड की भूमिका की भी जांच कर सकती है।

बदमाशों की योजना उस समय पूरी तरह विफल हो गई जब परिवार के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। बाहर भीड़ जमा होने के कारण बदमाश खुले रास्ते से भाग नहीं सके। उन्होंने मकान और कॉम्प्लेक्स के बीच बनी गली में छिपकर बचने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर चारों को हिरासत में ले लिया।

घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। अब पुलिस की जांच से ही साफ होगा कि चारों संदिग्ध वहां किस उद्देश्य से पहुंचे थे, उनके पास कौन-कौन से हथियार थे, क्या वे किसी संगठित गिरोह का हिस्सा हैं और उनके साथ बाहर मौजूद बताए जा रहे लोगों की भूमिका क्या थी। फिलहाल इस घटना ने दून की पॉश कॉलोनियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

नजमा खान के पुत्र समीर खान ने बताया कि इस घटना से पूरा परिवार दहशत में है, उन्होने कहा कि हमारे साथ कोई भी घटना घट सकती थी, अगर परिवार समय से सो जाता तो कोई भी अप्रिय घटना घट सकती थी, पुलिस जांच कर रही है कि और कौन लोग इस घटना में शामिल हैं। कहा कि हमारी सुरक्षा सुनियश्चित की जाए, और इस पूरे गैंग का पता लगाया जाए।

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