कॉमन फैसिलिटी सेंटर से महिलाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर

Women to get new employment opportunities

देहरादून। जिला प्रशासन देहरादून की अभिनव पहल से सहसपुर में लंबे समय से बंद पड़ी कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थित सिलाई यूनिट को अब नया जीवन मिलने जा रहा है। मंगलवार को यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन व जिला प्रशासन देहरादून की अभिनव पहल से सहसपुर में लंबे समय से बंद पड़ी कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थित सिलाई यूनिट को अब नया जीवन मिलने जा रहा है।

जिला प्रशासन द्वारा जल्द ही आधुनिक मशीनों से लैस इस कॉमन फैसिलिटी सेंटर का उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में है। केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपे जाने से ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर खुलेंगे। सहसपुर ब्लॉक के निकट जिला उघोग केंद्र में वर्ष 2024 में स्थापित की गई इस सिलाई यूनिट को अब आस्था कलेक्टर लेवल फेडरेशन, सहसपुर ब्लॉक को सौंप दिया गया है।

करीब 25 से 30 आधुनिक सिलाई मशीनों से लैस इस केंद्र के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण के साथ उत्पादन और बाजार से जोड़ने की योजना है। शुरुआती दौर में इस यूनिट में ग्रामीण महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाता था, लेकिन बाद में यूनिट बंद हो गई। अब जिला प्रशासन ने इसे दोबारा सक्रिय करते हुए कॉमन फैसिलिटी सेंटर के रूप में विकसित किया है। यहां महिलाएं जूट बैग, स्कूल ड्रेस, कार कवर और बाइक सीट कवर सहित विभिन्न उत्पाद तैयार करेंगी।

जिला प्रशासन की ओर से महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की डिजाइनिंग और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही निजी कंपनियों से संपर्क कर स्वयं सहायता समूहों को ऑर्डर दिलाने की योजना है। भविष्य में सेलाकुई जैसे औघोगिक क्षेत्रों से बड़े स्तर पर बल्क ऑर्डर प्राप्त करने के प्रयास किए जाएंगे। इससे महिलाओं को नियमित काम और बेहतर आमदनी का अवसर मिल सकेगा। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को केवल प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें उत्पादन, बाजार और आय से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

प्रशासन का मानना है कि आधुनिक मशीनों से लैस यह केंद्र सहसपुर क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ उन्हें ट्टलखपति दीदी’ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि सहसपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर एक ट्रेनिंग सेंटर के तौर पर कार्य कर रहा था। अब प्रशासन की ओर से इसे समूह की महिलाओं को संचालित करने के लिए दिया जा रहा है, जिसके लिए क्लस्टर का चयन भी हो चुका है।

उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल आधुनिक मशीनों का सदुपयोग होगा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को जूट बैग, स्कूल ड्रेस सहित कई उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण मिलेगा और वे अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि सीएफसी सेंटर के पुनः सक्रिय होने से कई महिलाओं को ट्टलखपति दीदी’ बनने में मदद मिलेगी। जिला परियोजना प्रबंधक रीप सोनम गुप्ता ने बताया कि सहसपुर बैरियर के पास जिला उघोग केंद्र की ओर से कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किया गया था, जिसमें कई आधुनिक सिलाई मशीनें उपलब्ध हैं।

जिला प्रशासन की पहल पर अब इन मशीनों को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि सहसपुर ब्लॉक की कई ग्रामीण महिलाएं सिलाई में पहले से ही निपुण हैं। आधुनिक मशीनें इन महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ उनकी आय बढ़ाने में भी मददगार साबित होंगी।

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