दिल्ली में लाठीचार्ज के खिलाफ देहरादून में प्रदर्शन

Protest in Dehradun against lathi-charge in Delhi

देहरादून। दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ विभिन्न संगठनों और आम नागरिकों ने मंगलवार को देहरादून में प्रदर्शन किया। केन्द्र सरकार के विरोध में नारे लगाने के साथ ही प्रधानमंत्री के इस्तीफे की भी मांग की गई। बाद में परेड ग्राउंड से घंटाघर तक मार्च भी निकाला गया। संगठनों ने बुधवार को भी प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

उत्तराखंड इंसानियत मंच, उत्तराखंड महिला मंच, एसएफआई, आम आदमी पार्टी और उत्तराखंड क्रांति दल के लोगों ने इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान उपस्थित छात्रों ने दिल्ली में सरकार के इशारे पर हुए लाठीचार्ज, पुलिसिया दमन और लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस अवसर पर सतीश धौलाखंडी एवं उनके साथियों द्वारा जनगीत प्रस्तुत किए गए।

प्रदर्शन के दौरान एसएफआई के वे साथी, जो दिल्ली में आयोजित छात्र मार्च में शामिल होकर देहरादून लौटे थे, उनका स्वागत किया गया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित मुख्य रूप से उत्तराखंड महिला मंच की निर्मला बिष्ट, एसएफआई के हिमांशु चौहान, डीएवी के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष लेखराज, उत्तराखंड इंसानियत मंच के त्रिलोचन भट्ट, एडवोकेट पंकज क्षेत्री, आम आदमी पार्टी की उमा सिसोदिया और दिल्ली से लौटे अयाज खान ने संबोधित किया।

एसएफआई उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेठा ने कहा कि दिल्ली पुलिस की और से किया गया दमन पूरी तरह पूर्व नियोजित था। उन्होंने कहा कि बिना नेमप्लेट और बिना वर्दी के पुलिसकर्मियों द्वारा छात्रों को पीटना कानून के शासन पर सीधा हमला है तथा यह पूरी तरह मनमानी और साजिश का हिस्सा था।

इस अवसर पर अरमान ने एक प्रेरणादायक रैप गीत प्रस्तुत किया, जिसके माध्यम से उन्होंने जनता से अन्याय और दमन के खिलाफ जागरूक होकर संघर्ष में भागीदारी की अपील की। दिल्ली से लौटे मुकुल, कनिका, अर्सलान, सौरभ, अनामिका, इजराइल तथा समीर ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम, पुलिसिया दमन तथा छात्रों के संघर्ष के अनुभवों को साझा किया।

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