देहरादून। राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति के भाव के साथ शनिवार को उत्तराखंड के राज्यपाल ढाल सिंह बिसेन ने देहरादून स्थित चीड़बाग के शौर्य स्थल पहुंचकर देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल ने शौर्य स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को नमन किया। राज्यपाल ने उनके त्याग, साहस तथा बलिदान को याद किया। इस दौरान सेना के वरिष्ठ अधिकारी और जवान भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए भारतीय सेना के जवान जिस अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं, वह पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हुए वीर सैनिकों ने जो सर्वोच्च बलिदान दिया है, वह हमेशा याद रखा जाएगा। उनका बलिदान राष्ट्र के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले हमारे वीर सैनिकों का शौर्य और त्याग हमारा अमूल्य गौरव है।
इसी गौरवशाली सैन्य परंपरा और वीर सपूतों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए आज चीड़ बाग स्थित शौर्य स्थल पहुंचकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। https://t.co/rvchyRk1zb
— Dr. Dhal Singh Bisen (@DrDhalBisen) October 31, 2026
राज्यपाल ने उत्तराखंड को वीरभूमि बताते हुए कहा कि प्रदेश की मिट्टी में देशभक्ति और राष्ट्रसेवा का भाव रचा-बसा है। यहां लगभग हर दूसरे घर से कोई न कोई व्यक्ति देश की सशस्त्र सेनाओं में अपनी सेवाएं दे रहा है। उत्तराखंड के युवाओं में सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का जज्बा हमेशा से रहा है। यही वजह है कि प्रदेश का सेना और सैन्य परंपराओं से गहरा जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि हमें अपने वीर सैनिकों, शहीदों और उनके परिवारों पर गर्व है। सैनिकों का त्याग केवल उनके परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा देश उनके बलिदान का ऋणी है।
उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृतियों को संजोकर रखना और आने वाली पीढ़ियों को उनके साहस और बलिदान से परिचित कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। शौर्य स्थल जैसे स्मारक देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सैनिकों की वीरता और समर्पण की याद दिलाते हैं। ऐसे स्थल युवाओं में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और देशसेवा की भावना को मजबूत करने का काम करते हैं।














































