नहीं दिखा चांद, जाने कब मनाई जाएगी ईद-उल-फितर

The moon was not visible

देहरादून। दून समेत मुल्क के मुख़्तलिफ इलाक़ों में माह-ए-शव्वाल का चाँद देखने का एहतमाम किया गया, मगर कहीं से भी चाँद नज़र आने की तस्दीक़ नहीं हो सकी। शहर क़ाज़ी देहरादून मुफ्ती हशीम अहमद क़ासमी ने बताया कि चूँकि चाँद नज़र नहीं आया है, इसलिए रमज़ान के 30 रोज़े मुकम्मल किए जाएंगे और ईद-उल-फ़ितर 21 मार्च 2026 (बरोज़ शनिचर) को अदा की जाएगी।

शहर क़ाज़ी ने कहा कि रमज़ान का मुक़द्दस महीना अब अपने आखरी मरहले में है, ऐसे में बचा हुआ वक्त इबादत, दुआ और अपने अमल को बेहतर बनाने में लगाया जाए। शहर क़ाज़ी ने अवाम से गुज़ारिश की कि ईद का त्यौहार सादगी, अमन और खुशियों के साथ मनाएँ, और इस मौके पर सफ़ाई, व्यवस्था और दूसरों की सहूलियत का भी ख़ास ख़्याल रखें।

वहीं, इस साल ईद-उल-फितर की नमाज मस्जिदों और ईदगाहों में अदा की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से जारी की गई गाइडलाइन्स के मुताबिक, ईद की नमाज के लिए हर जगह विशेष सावधानियां और व्यवस्थाएं की गई है, ताकि लोग शांति और सुरक्षा के साथ नमाज अदा कर सकें। ईदगाह माजरा में दो बार नमाज़ कराने का निर्णय लिया गया है। देहरादून शहर और जिले के सभी गांवों में सुबह 7 बजे से लेकर 10 बजे तक ईद-उल-फितर की नमाज अदा की जाएगी। खासकर शहर देहरादून में नमाज के लिए वक्त पहले ही तय कर दिया गया है, जिससे लोग समय पर नमाज अदा कर सकें।

जमीयत उलेमा हिन्द (ए) के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना हुसैन अहमद कासमी, प्रदेश महासचिव मौलाना शराफत कासमी, क़ाज़ी दारूल क़ज़ा मुफ्ती सलीम अहमद कासमी, जमीयत के प्रदेश उपाध्यक्ष मुफ्ति रईस अहमद कासमी, जिला अध्यक्ष मौलाना अब्दुल मन्नान कासमी, मुफ्ति वासिल, मुफ्ति अयाज़ अहमद, मौलाना इफ्तिखार कासमी, शहर काज़ी मौलाना हशीम अहमद कासमी, जिला महासचिव कारी आबिद, मास्टर अब्दुल सत्तार और अन्य प्रमुख धार्मिक उलेमाओं ने ईद-उल-फितर की मुबारकबाद पेश करते हुए सादगी के साथ ईद मनाने का आह्वान किया।

ईद-उल-फितर का पर्व मुस्लिम समुदाय के लिए एक विशेष दिन है, जब लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर उपवास समाप्त कर खुशी और सौहार्द का इज़हार करते हैं। इस पर्व को शांति, प्रेम और समृद्धि के साथ मनाने और गरीबों व निर्धनों को भी अपनी खुशियों में शामिल करने का आह्वान किया गया है।

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