शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ किया गया व्यवहार निंदनीय : कांग्रेस

Shankaracharya Avimukteshwaranand

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने धर्म नगरी प्रयागराज में ज्योतिर्मठ पीठ के जगतगुरू शंकराचार्य अविमुक्तश्वरा नन्द के साथ किये गये दुर्व्यवहार की कडे शब्दों में निन्दा करते हुए कहा कि शंकराचार्य जैसे पूज्य संत के साथ किया गया दुर्व्यवहार न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक व धार्मिक परंपराओं और सनातनी मूल्यों पर सीधा प्रहार है, जिसकी कठोर शब्दों में निन्दा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि संत समाज हमेशा से देश को दिशा देने का कार्य करता आया है और उनके प्रति सम्मान रखना प्रत्येक सरकार और समाज की जिम्मेदारी है।

गोदियाल ने कहा कि दुख की बात है कि आज उत्तर प्रदेश में सत्ता के संरक्षण में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जो राज्य एवं देश की छवि को कलंकित कर रही हैं। यह भाजपा सरकारों की प्रशासनिक असंवेदनशीलता और अहंकार का परिणाम है कि देश में सनातन धर्म के सर्वाेच्च पद पर बैठे पूज्य संतों को भी अपमानित होना पड़ रहा है। कांग्रेस पार्टी सभी धर्मों, संत समाज के सम्मान और सनातन धर्म की गरिमा की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस पार्टी जगतगुरू शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानन्द के साथ हुई दुर्व्यवहार की इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करती है।  

जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस के निवर्तमान मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने कहा कि जगतगुरू शंकराचार्य अभिमुक्तश्वरानन्द के साथ किये गये दुर्व्यवहार के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की और से प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आह्रवान पर 24 व 25 जनवरी 2026 को प्रदेशभर के सभी विधानसभा क्षेत्रों के मन्दिर प्रांगणों में 2 घंटे का मौन उपवास कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के कांग्रेसजन सभी विधानसभा क्षेत्रों में 24 व 25 जनवरी 2026 को मन्दिर प्रांगणों में 2 घंटे का मौन उपवास रखते हुए जगतगुरू शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानन्द के साथ हुए दुर्व्यवहार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करेंगे।

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