हेल्थ क्रांति का आधार है आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन : उनियाल

Ayushman Bharat Digital Mission

देहरादून। उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और सुलभ बनाने की दिशा में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत देहरादून में शुक्रवार को राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यशाला में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता पहचान संख्या (एबीएचए आईडी) के अधिक उपयोग, दूरचिकित्सा सेवाओं के विस्तार और मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य अतिथि सुबोध उनियाल ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन देश में डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति की मजबूत नींव बन चुका है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपनी आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता पहचान संख्या बनवाएं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक पारदर्शी और आसान हो सकें। कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण सत्र से हुई, इसके बाद विशेषज्ञों ने मिशन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।

राष्ट्रीय स्तर की जानकारी देते हुए डॉ. पंकज कुमार अरोरा, निदेशक, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण) ने बताया कि मिशन के तहत पूरे देश में एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य ढांचा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य पहचान संख्या, डिजिटल स्वास्थ्य अभिलेख और विभिन्न प्रणालियों के आपसी तालमेल के महत्व को रेखांकित किया।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ एकीकरण पर बोलते हुए संयुक्त सचिव ज्योति यादव ने डिजिटल दावा निपटान, लाभार्थी निगरानी और आंकड़ा एकीकरण की प्रक्रिया को समझाया। उन्होंने कहा कि इससे नागरिकों को बिना रुकावट स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।

राज्य स्तर की प्रगति पर जानकारी देते हुए राज्य मिशन निदेशक रीना जोशी ने बताया कि उत्तराखंड में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता पहचान संख्या निर्माण, स्वास्थ्य संस्थानों का पंजीकरण और डिजिटल स्वास्थ्य अभिलेखों के एकीकरण में तेजी आई है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं।

कार्यक्रम में सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य सचिन कुर्वे ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं समय की आवश्यकता हैं और राज्य सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने डिजिटल स्वास्थ्य प्रशासन, आंकड़ों की सुरक्षा और मिशन की राष्ट्रीय दृष्टि पर प्रकाश डाला।

तकनीकी सत्र में प्रज्ञा पालिवाल ने जमीनी स्तर पर मिशन के क्रियान्वयन और उससे जुड़ी चुनौतियों तथा उनके समाधान की जानकारी दी। वहीं राहुल वशिष्ठ ने डिजिटल चिकित्सीय सहायता प्रणाली और स्वास्थ्य आंकड़ा प्रबंधन के महत्व को समझाया। अंतिम सत्र में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि डिजिटल माध्यम से सेवाओं में सकारात्मक बदलाव आया है।

समापन अवसर पर रीना जोशी ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन उत्तराखंड के लिए परिवर्तनकारी पहल बन रहा है। मिशन के तहत सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को अपनाएं और एक सशक्त व आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के निर्माण में सहयोग दें।

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