मुख्यमंत्री धामी ने 60 वीर नारियों और 80 पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया

60 Veer Naris and 80 ex-servicemen were honored

खटीमा। आज गुरुवार को पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के सम्मान में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएसडी कैंटीन और सैनिक मिलन केंद्र का लोकार्पण कर बड़ी सौगात दी। इस दौरान क्षेत्र में निकले रोड शो में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया।

खेतलसंडा स्थित कार्यक्रम में सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन द्वारा स्वर्गीय सूबेदार शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि पर गौरव सैनिक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने 715.51 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीएसडी कैंटीन और 162.26 लाख रुपये से बने सैनिक मिलन केंद्र का उद्घाटन किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने पिता स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की और शहीदों को नमन करते हुए उनके परिजनों व वीर नारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर 60 वीर नारियों और 80 पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने इसे भावुक पल बताते हुए कहा कि यह आयोजन उनके पिता की स्मृति से जुड़ा हुआ है, जिनके आदर्श, अनुशासन और संघर्षपूर्ण जीवन से उन्हें हमेशा प्रेरणा मिलती रही है। उन्होंने कहा कि एक सैनिक के लिए उसकी वर्दी सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक होती है, और यही सीख उन्हें अपने पिता से मिली।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि उनके पिता ने लगभग 28 वर्षों तक सेना में सेवा देते हुए 1962, 1965 और 1971 के युद्धों सहित कई महत्वपूर्ण अभियानों में योगदान दिया। बचपन में सुनी सैनिकों की वीरगाथाओं ने उनके मन में देशसेवा की भावना को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि आज देश रक्षा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और के नेतृत्व में भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वर्तमान में भारत 80 से अधिक देशों को रक्षा सामग्री निर्यात कर रहा है।

राज्य सरकार द्वारा सैनिकों और शहीदों के परिजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अनुग्रह राशि में बढ़ोतरी, आश्रितों को सरकारी नौकरी और वीरता पुरस्कार विजेताओं को अधिक आर्थिक सहायता जैसी कई पहलें लागू की गई हैं। परमवीर चक्र विजेताओं को दी जाने वाली राशि को बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये कर दिया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा देगा। साथ ही, बलिदानी परिवारों के लिए सरकारी नौकरी हेतु आवेदन की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है।

कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भी सैनिकों के योगदान को सराहते हुए कहा कि उनका सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है और राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री की माताजी विशना देवी, उनकी पत्नी गीता धामी, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here