भाजपा सरकार ने बदला लैंडयूज, हुआ बड़ा खेल : डॉ. हरक

BJP government changed the land use

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने धौलास जमीन मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी देहरादून के धौलास में शैक्षणिक संस्थान के नाम पर आवंटित जमीन का भू-उपयोग भाजपा सरकार के कार्यकाल में बदलकर बड़ा खेल किया गया है।

हरक सिंह रावत ने दावा किया कि धौलास में शेख उल हिंद एजुकेशन चेरिटेबल ट्रस्ट को आवंटित जमीन का लैंडयूज बदलने के दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि तथाकथित सनातनी मुस्लिम यूनिवर्सिटी का मुद्दा उठाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस का इस पूरे प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है।

रावत ने बताया कि 15 मार्च 2004 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण तिवारी की सरकार के दौरान ट्रस्ट को 13.94 एकड़ जमीन खरीदने की अनुमति का शासनादेश जारी हुआ था। बाद में सुरक्षा संबंधी आईएमए की रिपोर्ट आने के बाद 15 नवंबर 2006 को सरकार ने जमीन को अपने अधीन करने का आदेश जारी किया। ट्रस्ट इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट गया, जहां से उसे स्थगन आदेश मिल गया। इसके बाद सरकार ने साफ शर्त रखी कि जमीन का भू-उपयोग नहीं बदला जाएगा। किसानों से खरीदी गई यह भूमि कृषि भूमि ही रहेगी और यदि बेची जाएगी तो कृषि भूमि के रूप में ही बेची जाएगी।

हरक सिंह रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में ट्रस्ट ने रईस अहमद को जमीन बिक्री का प्रतिनिधि बनाया। कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए पहले जमीन रिश्तेदारों के नाम बेनामा की गई और बाद में उन्हीं के माध्यम से हिंदू खरीदारों को बेच दी गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान धौलास की भूमि का भू-उपयोग बदलकर धारा 143 के तहत आवासीय घोषित कर दिया गया, जो गंभीर अनियमितता है। रावत ने इसे बड़ा घोटाला करार देते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने नियमों को ताक पर रखकर जमीन का खेल किया है। हरक सिंह रावत ने मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों पर सख्त कार्रवाई हो।

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