आईजी कुमाऊं ने डॉग वबम स्क्वाड संग न्यायालय में की चेकिंग
नैनीताल। उत्तराखंड़ के अलग-अलग जनपदों- उत्तरकाशी, देहरादून, हरिद्वार आदि के न्यायालयो में एक के बाद एक बम विस्फोट करने की धमकी मिलने से प्रदेश समेत पुलिस बल हाई अलर्ट पर आ गया है। जिस बीच आज गुरूवार को उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड, नैनीताल को भी एक धमकी भरा ई-मेल आया, नैनीताल उच्च न्यायालय को धमकी भरा ईमेल मिलने से पूरे उत्तराखंड़ में हड़कंप मच गया है, धमकी को आड़े हाथों लेते हुए आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल द्वारा पुलिस कप्तान मंजूनाथ टीसी सहित पीएसी, बम स्क्वाड, डॉग स्क्वाड समेत नैनीताल न्यायालय परिसर व आसपास में चेकिंग जांची।
गुरूवार को नैनीताल उच्च न्यायालय को एक धमकी भरा मेल मिला। मेल मिलने के तुरंत ही पुलिस महानिरीक्षक कुमायूँ परिक्षेत्र रिद्धिम अग्रवाल डॉग स्क्वॉड एवं बम निरोधक दस्ते, स्थानीय पुलिस समेत न्यायालय परिसर में पहुँची व टीम द्वारा पूरे परिसर व आसपास के क्षेत्रों में बारीकी से जांच की, हालांकि पुलिस टीम को मौके से कुछ भी विस्फोटक बरामद नही हुआ, किन्तु एतिहातन आईजी कुमाऊं द्वारा न्यायालय परिसर व उसके आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त में अपग्रेड कर दिया है।
आईजी कुमाऊँ ने जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने हेतु स्थानीय पुलिस बल के अतिरिक्त 01 कम्पनी पी.ए.सी. तथा ए.टी.एस. की टीम भी मौके पर तैनात कर दी गयी है साथ ही परिसर में एंटी- सबोटज चेकिंग भी करवाई गई है।
उन्होंने बताया कि न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती देने के लिए उच्च न्यायालय में आम नागरिकों के प्रवेश हेतु बार एसोसिएशन नैनीताल द्वारा उस व्यक्ति को अधिकृत पत्र दिया जाएगा ,जिसकी गेट पर जांच के उपरांत ही वह व्यक्ति न्यायालय में प्रवेश कर सकेगा। इसके साथ ही आईजी कुमाऊं द्वारा सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे कर्मियों व अधिकारियों को ब्रीफ कर सुरक्षा को कड़ा बनाने के आदेश दिए है।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही केंद्र जांच व सुरक्षा एजेंसियों से पुलिस द्वारा लगातार समन्वय बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ आईपी अड्र्स जांच एजेंसी ने ट्रेस किये है, जो देश के बाहर भी लोकेट हुए है,जिनमे जल्द ही इन मेल भेजे जाने के सोर्स के बारे में जानकारी जुटा ली जाएगी।
इस दौरान मुख्य सुरक्षा अधिकारी उच्च न्यायालय तथा पुलिस उपाधीक्षक राकेश बिष्ट से भी आईजी ने सभी सुरक्षा पॉइंट्स जाने व सुरक्षा हेतु हर स्तर पर कर्मियों को तैनात करने व पूर्ण जांच के बाद ही अप्रूवल देने को कहा। सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर प्रत्येक आगंतुक की गहन तलाशी सुनिश्चित की गई है।
इसके साथ ही उनके द्वारा सीसीटीवी कैमरों की 24×7 सतत मॉनिटरिंग , न्यायालय परिसर में आने वाले प्रत्येक बाहरी व्यक्ति का पृथक रजिस्टर अनिवार्य रूप से मेंटेन- जिसमें उसका नाम, पता, मोबाइल नंबर, पहचान-पत्र का विवरण, आगमन का उद्देश्य एवं समय अंकित किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से आवाहन किया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह अथवा संदिग्ध गतिविधि पर ध्यान न दे। जो भी अफवाह व संदिग्ध गतिविधि में लिप्त पाया जाएगा उसपर तत्काल प्रभाव से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल मंजूनाथ टी.सी., पुलिस अधीक्षक अपराध, डॉ. जगदीश चंद्रा तथा सी.एस.ओ. राकेश बिष्ट उच्च न्यायालय उपस्थित रहे। आई0जी0 कुमायूँ द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को निर्देशित किया गया कि मा0 उच्च न्यायालय की समस्त सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत सुरक्षा ऑडिट कर 03 दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।











































